संदेश

September, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

😊भीड़ 🌟

😊भीड़ 🌟

     “भीड़ बहुत भीड़ है ,
       मैं जानता हूँ ,मैं भी
       भीड़ का ही हिस्सा हूँ
       पर मैं चाहता हूँ ,
       मैं भीड़ ,में रहूँ
       पर भीड़ मुझमें ना रहे
      भीड़ में “मैं” अपनी अलग
      पहचान बनाना चाहता हूँ ।
     भीड़ में अजनबी , अकेला बनकर
     रहना मुझे मंज़ूर नहीं ......
     मैं भीड़ संग भीड़ को अपनी पहचान बनाना चाहता हूँ
     मैं भीड़ में एक सितारा बनकर चमकना चाहता हूँ “


🙏🌺श्री गणेश प्रियं भक्त हृदयेश विशेष 🌺🌺🎉🎉

🙏🙏💐💐“गणेश चतुर्थी”का  पुण्य दिन था , सभी एक दूसरे को शुभकामनायें दे रहे थे ।
    शहर में जगह - जगह पंडाल सज गये थे , “विघ्न हरण ,मंगल करन , गजानन , लम्बोदर ,
     विनायक , गणेश महाराज की मूर्ति स्थापना की सुन्दर बेला , गणेश जी के भजनों से सारा परिवेश भक्तिमय हो रहा      था , सबके दिलों  में हर्षोल्लास की उमंग नज़र आ रही थी ,
गणेश जी की सुन्दर से सुन्दर विशालतम सुसज्जित प्रतिमाओं की स्थापना के वो पल ,
दिन , मन में बस सिद्धि विनायक गणेश जी का ही ध्यान , गणेश जी का श्रिंगार , सेवा , मोदक,प्रसाद , फल, फूल आदि

😊🙏🎉इस बार मेरा बेटा भी जिद्द पर अड़ गया कि वो भी इस “गणेश चथुर्ती”पर  गणेश जी को अपने घर लायेगा । मैं भी हर बार यही कह कर उसे समझाती बेटा “भगवान गणेश जी “तो हमेशा से हमारे साथ है  ।उनकी प्रतिमा भी है हमारे मंदिर में हमारे गणेश जी हमेशा हमारे घर पर ही रहते हैं ।
कहने लगा माँ तुम हर बार कहती हो अगले साल लायेंगे , तुम थोड़े और बड़े हो जाओ , माँ अब इस बार तो गणेश जी घर में आकर रहेंगे , मैं उनकी सेवा करूँगा , मोदक खिलाऊँगा , भोग लगाउँगा भोजन कराऊँगा , भजन गाऊँगा भी , आप देखना म…

🌺🌸लेखक केशव कुमार और पुष्प वाटिका 🌺💐🌹

🌺🌹🌺💐😊
       प्रकृति प्रेमी , घण्टों दरिया किनारे बैठना , आती - जाती लहरों से मानों बातें करना , कभी किसी पहाड़ की चोटी पर     चढ़ जाना , ऊँचाइयों से अपनी धरती माँ को निहारना ........वृक्षों और वनस्पतियों तो मानो , लेखक केशव कुमार की प्रेरणा थे ,उनका तो कहना था की भगवान अगले जन्म में उन्हें वृक्ष बनायें , क्योंकि वृक्ष हर हाल में उपयोगी होता है , कभी
छांव बनता है ,फल देकर किसी की भी भूख मिटाता है , प्राणवायु देता है वृक्ष , उसकी लकड़ी भी उपयोगी होती है , मानो वृक्ष पूर्ण रूपेण उपयोगी व समर्पित होते हैं

    हर दिन की तरह केशव कुमार ,आज भी अपने शहर की मशहूर पुष्पों की दुकान जिसका नाम “पुष्प वाटिका “था , जाकर रूक गये और , रंग-बिरंगे खिले - खिले पुष्पों को निहारने लगे ।  हर दिन की तरह उस फूलों की दुकान पर काम करने वाले एक लड़के ने आकर केशव कुमार को बैठने के लिये एक कुर्सी आगे बड़ा दी , केशव कुमार मुस्कुराते हुए उस लड़के “लम्बू “से से बोले तु अपना काम कभी नहीं भूलता जा दुकान पर , भाई जी का हाथ बँटा ,
वरना वो तुझे ग़ुस्सा करेंगे , हाँ बाबूजी आप सही कहते हैं , मैं जाता हूँ  , तभी एक ग्…

“ मेरे मीठे सपने “

⭐️⭐️ “वो जो मेरे अपने थे ,
  “  मेरे सपने थे “⭐️⭐️
 वो जो मेरे सबसे अज़ीज़ थे
 कब से छुपा के रखा थे
दुनियाँ की नज़रों से
पलकों के दरवाज़ों में बंद करके ।
आज आँखो से छलक पड़े अश्रु बनकर
देख दुनिया का व्यभिचार , आतंकवाद का
घिनौना तांडव ...
मेरे सपने रुदन करने लगे
दर्द में कराहते हुए , कहने लगे
बस - बस करो ,
हमारे पूजनीय , गौतम , राम , रहीम , कबीर ,
विवेकानंद आदि महान विभूतियों ... की धरती पर
ये अहिंसक व्यवहार ....
मुझमें तो सिंचित थे , भारत भूमि के
महान विभूतियों ,दधिचि  ,ध्रुव ,
एकलव्य आदि के चरिथार्थ
मैं हूँ अपने पूर्वजों की , कृतार्थ

⭐️🌸“यूँ तो मेरे सपनों की किताब खुली थी
फिर भी दुनियाँ की नज़रें ना उन पर पड़ी थी ।
“मेरे सपनों का ज़हाँ बहुत ही  हसीन है 🌺🌺
सन्तुष्टता के धन से सब परिपूर्ण हैं
धर्म सबसे बड़ा इंसानियत है
भेदभाव की ना कोई जगह है
सभी सुसंस्कृत , सभ्य आचरण वाले ,
कभी किसी का दिल ना दुखाने वाले
सब सबके प्रिय , मुस्कुराते चेहरों वाले
ख़ुशियों के सौदागर
एक दूजे की त्रुटीयो को माफ़ करने वाले
सबको इंसानियत की राह दिखाने वाले
हिंसा और वैर ,विरोध की झड़ियाँ काटने वाले
अप्नत्व…

“ चैन की तलाश “

“  चैन की तलाश “

ज़िन्दगी भर भटकता रहा , चैन की तलाश में
ठहराव की चाह में , कुछ पल का चैन ,
फिर बैचेनी , ख़ुशियाँ अनगिनत ,
पर सब एक -एक कर
यादों के बक्से में बंद
कहने को सब कुछ
उसी पल का
सब नश्वर
ऐसी ज़िन्दगी
सिर्फ़ भटकाव
क्या करूँ ?
कहाँ से लाऊँ
शाश्वत सुख
कभी ना ख़त्म
होने वाला चैन
“मैं बेचैन “
तभी एक राह दिखायी दी
एक आवाज सुनायी दी
मेरा कनेक्शन परमात्मा से जुड़ा
वहाँ तो शान्ति का सागर था
अभी तो शुरुआत थी मेरी आत्मा
को असीम शान्ति का अनुभव होने लगा
अब वहाँ से आने को मन ना करा
अचानक मानो परमात्मा ने सन्देश दिया
जा औरों को भी ये राह दिखा
वो शान्ति का सागर है , दया का भण्डारहै
वहीं से तु आया है , वहीं से तुझको सब कुछ मिलेगा
तु दुनियाँ में ना भटक इस तरह
बस दुनियाँ  में जी इस तरह
तू बन जाये सबके मुस्कुराने की वजह ......
चित्र
भगवान ने दो हाथ दिये हैं , किसी के आगे फैलाते नहीं , मेहनत करते हैं गंगा किनारे बैठ फूल बेचते है , ना शिकवा करते हैं ना शिकायत ,बस दो वक़्त की रोटी के लिये दिन भर जुगाड़ करते रहते हैं ,गंगे माता का आशीर्वाद बना रहे , यूँ ही ज़िन्दगी कट जाये , बच्चे पड़ लें कुछ बन जाये बस बहुत है ....

🌺🌼🌸मेरा मीत 🌸🌸🌺🌺

🌹🌹🌻🌻🌼🌸💐💐🌸🌸
🌺🌺“मेरा मीत , मेरा गीत ,
मेरे जीवन का संगीत
मेरे मन का मीत ,
तुम से ही मेरे जीवन का गीत
सात सुरों की सरगम मेरा मीत
मीठी धुन में जब बजता है कोई 🎼🎼
गीत , चेहरे की मुस्कराहट में दिखता है मेरा मीत “🌸🌺

🌻🌹🌸🎉🌹“प्रकृति की सुन्दरता में भी मेरा मीत
🌻🌻🌺🌺ख़ूबसूरत बहुत ख़ूबसूरत है मेरा मीत
गुलाब , चम्पा , चमेली ,कमल ...
हवाओं में ख़ुशबुओं  की तरह है 🌈
मेरा मीत .......🌟🌟✨
मेरे सुर , मेरे संगीत ,तुम मेरे
संग -संग रहना .....
मैं जाऊँगी जग जीत .....”⚡️✨🌟🌟⭐️