*विरासत की सम्पत्ति *

**विरासत की सम्पत्ति* .....क्या आप जानते हैं विरासत की सम्पत्ति क्या है
पहले मुझे ज्ञात नहीं था, आज भी कई बार दुनियां के धंधों में उलझा हुआ, मैं भूल जाता हूं कि मुझे विरासत मैं बहुत कुछ मिला है ,परंतु मुझे इसका उपयोग करना नहीं आया ,या यूं कहिए मैं इससे अनभिज्ञ ही रहा ।
क्या आप जानना चाहेंगे मुझे विरासत में अपने पूर्वजों से क्या मिला ?
जी बिल्कुल ,आप भी और मैं खुद भी जानना चाहूंगी।
मुझे विरासत में उच्च संस्कारों का धन मिला ,जिसका सही से उपयोग करना मुझे आज तक नहीं आया ,परंतु अब आधुनिकता की दौड़ में भटकते-भटकते अनैतिकता के व्यवहार से पीड़ित विचलित मेरे मन को ,अपने उच्च संस्कारों की सम्पदा का ज्ञान हुआ आज जब मैंने इस सम्पदा को अपने जीवन में सही से व्यवहार में लाना शुरू किया ,मेरा जीवन सफल हुआ,मन की विचलितता शांत हुई ,
बाल्यकाल से ही विद्यालयों नैतिक और समाजिक  शिक्षा  का ज्ञान दिया जाता है ।
विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा नैतिक शिक्षा के कई प्रेरणास्पद प्रसंग समझाए जाते हैं जो किसी समाज की स्वस्थ छवि बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं
भारतीय इतिहास को विरासत के रूप में अमूल्य सम्पदा ओं के खजाने पर्याप्त मातृ में प्राप्त हैं । चारों वेद,अथर्ववेद ,यजुर्वेद,सामवेद  श्रीमद भागवत गीता, रामायण , पुराण आदि इन सब ग्रंथों में ज्ञान के संपदाओं के खजाने निहित हैं ,जिसको इन खजानों में से ज्ञान रूपी सम्पदा और रतनों को जीवन में उतारना आ गया या यूं  कहिए जिसने अपने जीवन में उतार लिए उसका जीवन सार्थक है वह दुनिया का सबसे धनवान मनुष्य है।

आओ अच्छा बस अच्छा सोचें

 आओ कुछ अच्छा सोचें अच्छा करें , अच्छा देखें अच्छा करने की चाह में इतने अच्छे हो जायें की की साकारात्मक सोच से नाकारात्मकता की सारी व्याधिया...