" वास्तविक सम्पत्ति" "विचारों की संम्पत्ति"

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💐"हमारे विचार हमारी संपत्ति हैं क्यों इन पर नकारात्मक विचारों का  दीमक लगाए चलो कुछ अच्छा  सोंचे  कुछ अच्छा करें "।💐

👍मेरा मुझ पर विश्वास जरूरी है ,
मेरे हाथों की लकीरों में मेरी तकदीर
सुनहरी है ।👍

☺ यूँ ही बेवज़ह भी मुस्कराया करो ,
माहौल को खुशनुमा भी बनाया करो ।☺☺

💐अपने लिये तो सभी जीते हैं,
 पर जीवन वह सफल है ,जो औरो
के जीने के लिए भी जिया जाये ।"💐


💐मौन की भाषा जो समझ
  जाते है।वो ख़ास होते हैं ।
  क्योंकि ?
  खामोशियों में ही अक्सर
  गहरे राज होते है ।
 जुबाँ से ज्यादा मौन की भाषा
  मे कशिश होती है ।💐☺


💐अगर विचार हो खूबसूरत तो सब खूबसूरत नज़र आता है वो पत्थर ही थे जिन्हें कारीगरों की खूबसूरत सोच ने ताजमहल जैसी बेमिसाल ईमारत बना दिया ।💐

💐 "उजाले मे सब इस क़दर व्यस्त थे कि
ज्योति के उजाले का कारण किसी ने नहीं
जानना चाहा, तभी ज्योति की आह से निकला
दर्द सरेआम हो गया , आँखों से अश्रु बहने लगे
काले धुयें ने हवाओं में अपना घर कर लिया
जब तक उजाला था सब खुश थे धुआँ हुआ तो सब उसे कोसने लगे "

☺☺बच्चे थे तो सच्चे थे , माना की अक्ल से कच्चे थे ,फिर भी
  बहुत ही अच्छे थे , भोलेपन से जीते थे फरेब न किसी से करते थे
   तितलियों संग बातें करते थे , चाँद सितारोँ में ऊँची उड़ाने भरते थे
  प्रेम की मीठी भाषा से सबको मोहित करते थे ।
  बच्चे थे तो अच्छे थे ।☺☺


💐कौन सुनता है सुनाने से किसी के दिल का हाल
हर कोई यूं ही सर हिला देता है
अपने आप से जायदा अपना और कोई अच्छा
मित्र नहीं फिर क्यों न स्वयं को ही स्वयं का मित्र बना लें ।💐

आओ अच्छा बस अच्छा सोचें

 आओ कुछ अच्छा सोचें अच्छा करें , अच्छा देखें अच्छा करने की चाह में इतने अच्छे हो जायें की की साकारात्मक सोच से नाकारात्मकता की सारी व्याधिया...