नई तारीखें*******

अब वक़्त आ गया है
 बदल ही दूंगा मैं पुराने
ख्वाबों को नए ख्वाबों में
पुरानी तारीखों को नई तारीखों में
नए इतिहास की नई तस्वीर बनाने को
सुलझा देना है  पुराने सुस्त पड़े
कई मुद्दों को आजाद करने के लिए....

**वक़्त तो वक़्त है
जैसा है उसमें ही
शुभ कर्मों के अंकुर उगा लो
वक़्त के इंतजार में वक़्त जाया ना करो
वक़्त रुकता नहीं किसी के लिए
वक़्त रहते वक़्त की कदर करो
गिनती की सांसों पर कुछ तो रहम करो
बीते वर्षों की और उम्र की
वापिसी नहीं होती
ये तो बस बड़ती हैं
और पल-पल घटती हैं
और अलविदा कहकर
नयी तारीखें लिखती हैं।


आओ अच्छा बस अच्छा सोचें

 आओ कुछ अच्छा सोचें अच्छा करें , अच्छा देखें अच्छा करने की चाह में इतने अच्छे हो जायें की की साकारात्मक सोच से नाकारात्मकता की सारी व्याधिया...