यकीन

  **  मैं अपने कर्मों को इतनी ईमानदारी  

     लगन और पूर्ण निष्ठा से करता हूं, कि

     इतना तो मुझे यकीन है कि,

     जीत हो या हार मुझे फ़र्क नहीं पड़ता 

     परंतु मेरे कर्म कहीं ना कहीं किसी की

     मनः स्थिति पर सकारात्मक प्रभाव

    डालने में अवश्य सफ़ल होंगे ।

   

आओ अच्छा बस अच्छा सोचें

 आओ कुछ अच्छा सोचें अच्छा करें , अच्छा देखें अच्छा करने की चाह में इतने अच्छे हो जायें की की साकारात्मक सोच से नाकारात्मकता की सारी व्याधिया...