**विचारों की सम्पदा **
 **नैन से नैन कुछ इस तरह मिले
दिल के सारे हाल बयां हो गए
ना उनके लब हिले ना मेरे लब हिले
फिर भी नैनों ने दिल के सारे
 राज खोल दिए
 उनके नैनों में कुछ ऐसा जादू था
की हम उनके नैनों के समुंदर में
तैरते रह गए ,नैनों के समुंदर में
जस्बातों का सैलाब था
 दिल का हाल सब नैनों में छिपा था
बिन बोले ही नैनों ने बयां कर दिया**

*उम्मीद की पगडंडी
यूं तो इस पगडंडी ने मेरा बहुत
साथ निभाया ,आखिर थी तो कच्ची पगडंडी ही ना, पगडंडी टूट गई साथ छूट गया
वो कब से मुझे इशारों से समझता था
मैं ही नासमझ था समझ नहीं पाता था
कहता था अपनी अंतरात्मा की आवाज सुन
उम्मीद करनी है तो अपने आप से कर....
मैं तेरे साथ में हूं मगर, मुझ पर विश्वास तो कर**


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