नववर्ष की सुन्दर बेला “


red_valentine_roses-wideनववर्ष के कोरे पन्ने ,
सुनहरी स्याही से ,भरें उज्जवल भविष्य के सूंदर सपने ।
सुस्वागतम्   सुस्वागतम्   नववर्ष की शुभ मंगल बेला ,
नयी भोर की नयी किरण है , हृदय में सबके नई उमंग है
नयी उमंग संग ,  नयी तरंग संग , दिल में हो पवित्र ज्ञान का संगम ।
नयी पीढ़ी की नव नूतन अभिलाषाएँ  नयी विचारधाराएँ…..
बढ़ने को उत्सुक प्रग्रति की राहों पर .. लिखने को उत्सुक उन्नति की नयी परिभाषायें
नहीं द्वेष हमें किसी से ,ह्रदय में निर्मल प्रेम की गंगाधारा
नववर्ष में खूब फले फूले खेत खलिहान ,सुख समृद्धि  करे सभी दिशाएँ
“विश्व् कौटुम्बकम , सत्यमेव जयते,   अहिंसा परमोधर्म,  सर्वे भवन्तु सुखिना
एकता में अनेकता . “जैसे कई महानात्माओं के वचन सत्य हो जाएँ ।
नववर्ष में एक प्रण है लेना, प्रस्पर प्रेम की खाद डालकर अपनत्व की फसल उगाओ,
द्वेष द्वन्द, की झाड़ियाँ काटो ,हृदय में प्रेम की ज्योत जलाओ।।।
मोती हैं अपने विभिन्न रंगों के , फिर भी हम एक माला के मोती
अब है अपनी जिम्मेदारी नहीं बिखरे माला के मोती हम सब हैं
एक दीप की ज्योति।।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

" हम जैसा सोचते हैं ,वैसा ही बनने लगते हैं "

👍 बचपन के खट्टे मीठे अनुभव👍😉😂😂

" कुदरत के नियम "