संदेश

झुकता वही है जिसमे बल होता है ।

पहले तो इस  भ्रम  को बदल  दीजिये  ,की झुकने वाला  कमजोर  होता है   हाँ झुकने का मतलब  यह बिल्कुल नहीं , की  आप अपने को निर्थक ,नक्कारा समझे  .  अतामविश्वाश से भरा व्यक्ति  कभी कमजोर हो ही नहीं  सकता  । 
झुकता कौन है ? 

सदभावनाओ  और सद्विचारों  से भरे हृदय में ही झुकने  की सामर्थ्य  होती  है । 
क्योंकि फलो  से लदा हरा  -भरा  वृक्ष ही  झुकता है और    सूखा  हुआ  वृक्ष हमेशा  सीधा तना और अकड़ा रहता  है ।  
 तकरार  न समझी  की निशानी है ।                                                

बार -बार समझाने  पर जो नहीं समझाता उसे  उसके हाल  पर छोड़ देना  चहिए । 
सीधे  सरल लोगो को दूनियाँ मुर्ख समझती है परन्तु सरलता का
 महत्व वही जानता है जो सरल है  सरलता से मानसिक शांति मिलती है 
 लड़ने वाला  सवयं को बहादुर  समझता है सोचता है की लड़ाई न करने  वाला  डरपोक है वह  यह नहीं जानता की लड़ाई न करने वाला लड़ाई से होने  वाले विनाश व् प्रकोप  से बचाता है । 
क्रोध से बड़ा  कोई शत्रु नहीं  ,क्रोध मुर्खता  से प्रारम्भ  होता है । 
 आवश्यकता  है आज के युग  में कमल  की तरह कीचड़ में रहते हुए स्वयं 

को कीचड़ से बचाने की । 
अस…

"सफलता की सीढ़िया "

~ सफलता  पर  सभी  का  अधिकार  है   .  कठिन  परिश्रम सच्ची  लगन  पूर्ण निष्ठा  से  कर्म  करने  के  बावजूद  कभी- कभी  हताशा  और  निराशा  मिलती  है .

~   छोटी -छोटी  बातों  पर अमल  करके  सफलता  की  सीड़ियाँ  चढ़ा  जा  सकता  है                                                                                                                                                                                                           ~ सीधा   सरल  सच्चा  रास्ता  थोड़ा लम्बा  और  कठनाइयों  भरा  हो  सकता  है      परंतु   इसके  बाद  जो  सफलता  मिलती  है    वह चिरस्थाई   और  कल्याणकारी   होती  है

"  कहते      हैं    ना  ,     देर     आए    पर    दुरुस्त                                        आए  "
~ कई  बार  व्यक्ति  रातों -रातों  रात  सफल  होना  चाहता  है  वह कई  गलत   तरीके  अपनाता  है   और  सफल  भी  हो  जाता  है  परन्तु  वह  सफलता  टिकती नहीं  क्योंकि  खोखले  कमजोर  साधन  मजबूती  कैसे  दे  सकते  है  फिर  शर्मिंदगी  का  सामना करना  पड़ता है।���������������������������������������������������…

ऊँचाइयां शीर्ष कि

विधियां जहाँ मिलती है निधियाँ

ऊँचाइयां  बाल कहानी संग्रह जिसमे सत्रह कहानियाँ हैं । प्रतेयक कहानी को इस तरह लिखा गया है की मनोरंजन के साथ -साथ पाठक का मार्गदर्शन हो और उससे  प्रेणना भी मिले ।

~  पहली कहानी "मोबाइल टेलीविज़न कंप्यूटर"  में बताया गया है ,की" आधुनिक होना उचित है  परन्तु आधुनिकता की दोड़ में भले बुरे के विवेक के साथ अपनी संस्कृति व् उच्च संस्कारो की रक्षा भी होनी चाहिए ''

~दूसरी कहानी'' टिमटिम के सपने ''में मनोरंजन के साथ यह लिखा गया है की सपने देखने पर सबका अधिकार है अपने उज्जवल भविष्य के सपने देखने और उसे पूरा करने का हमारा दायित्व है। 

तीसरी कहानी'' पैगाम ''से यह पैगाम मिलता है की  उच्च संस्कृति एवं संस्कारो  वाले इस देश में धन के बल पर इंसानियत का अपमान होना अत्यंत शर्मनाक है। 

~  चौथीकहानी''हमारा अधिकार ''

~  पाचवी कहानी" बेटियां ''कहानी दिल को छूने वाली है। उद्देश्य यह है की अंतर बेटे या बेटियों  में नहीं दोष मानवीय सोच का हैआव्य्शाकता  मानवीय सोच बदलने की है जननी का अपमान सवयं का अपमान…