**फकीरी बनाम अमीरी**

 दुनियां का सबसे मालामाल बंदा
होता है एक फ़कीर
जो मज़ा नहीं अमीरी में
वो मज़ा है फकीरी में
अमीरी चिंता में डालती है
फकीरी चिंताओं से मुक्त करती है
   नहीं चाहिए दुनियां
की शान- ओ- शौकत ए मेरे मालिक
तेरी बंदगी तेरा गुणगान
करूं वही काम जिससे बड़े तेरा मान
 बस ऐसा हुनर देना मेरे मालिक हम
जिएं तो शान से और मरे तो शान से
दुनियां वाले जब भी हमें याद करें
तो कहें शान से हम भी उनके ख़ास थे
शान से .......


आओ अच्छा बस अच्छा सोचें

 आओ कुछ अच्छा सोचें अच्छा करें , अच्छा देखें अच्छा करने की चाह में इतने अच्छे हो जायें की की साकारात्मक सोच से नाकारात्मकता की सारी व्याधिया...