युग परिवर्तन ने दी है दस्तक "

बहुत ही उत्तम संजोग नज़र आ रहे हैं, ये युग परिवर्तन नहीं तो
क्या है?

हमारी प्रचीन संस्कृति फिर से जागृत हो रही है ,ऋषि मुनियों का देश कहे जाने वाला भारत देश फिर से अपनी प्राचीन संस्कृति को सहर्ष अपना रहा है ।

ऋषि परम्परा जो जीवन के सत्य को बखूबी जानती है, और यही ऋषि परम्परा है जो स्वार्थ से ऊपर उठकर सर्जनहिताय काम कर सकती है ।
"युग परिवर्तन ने दस्तक दे दी है ।"


परिवर्तन तो साक्षात् दिखायी दे रहा है । लोगों का अध्यात्म की और रूचि बढ़ रही है । भरतीय युवा पीढ़ी सत्य को समझ रही है।
लोभ वृति से ऊपर उठकर सर्वजन हिताय के बारे में कदम उठाये जा रहे है ,क्योंकि देश के हित में ही अपना हित है ।
युग परिवर्तन अवश्य होगा क्योंकि अब योगी लोगों ने देश की सता की बागडोर अपने हाथ में ले ली है ।


आओ अच्छा बस अच्छा सोचें

 आओ कुछ अच्छा सोचें अच्छा करें , अच्छा देखें अच्छा करने की चाह में इतने अच्छे हो जायें की की साकारात्मक सोच से नाकारात्मकता की सारी व्याधिया...